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स्वास्थ्य मानकों एवं कोरोना व्यवस्थाओं में 'श्रेष्ठ हॉस्पिटल' प्रशासन ने भी माना 'संतोषजनक'

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कोरोना जैसी  वैश्विक महामारी से "नीलकंठ अस्पताल हल्द्वानी" के डॉ एवं स्टाफ ने न सिर्फ मजबूती से लड़ाई लड़ी बल्कि जल्द ही कुमाऊँ के विख्यात डॉ गौरव सिंघल की देख -रेख में कोरोना जैसे वैश्विक बिमारी के खिलाफ जंग लड़ी जाएगी.जिला प्रशासन ने "नीलकंठ अस्पताल" के मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली और उचित प्रबंधन को देख यह फैसला लिया है. इस भीषण महामारी के दौर में भी "नीलकंठ अस्पताल प्रबंधन" पूर्ण तन्मन्यता से मरीजों के इलाज में लगा रहा."सामाजिक दूरी" के नियमों का पालन करते हुए न सिर्फ मरीजों का इलाज किया बल्कि संक्रमण को फैलने से भी रोका.ओपीडी सहित  रेडियोलॉजी विभाग तक सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा गया.मरीजों एवं तीमारदारों के बैठने के लिए दोनों साईड लगी कुर्सियां को  नियमति तौर पर सेनेटाइज किया जा रहा है. तीमारदारों को विशेष तौर पर सतर्कतापूर्वक रहने की सलाह दी गई ताकि मरीज के साथ वह स्वयं भी इस महामारी काल में अपने जीवन की रक्षा कर सकें.नीलकंठ प्रबंधन पूर्ण रूप से मरीजों एवं तीमारदारों को सतर्कता बरतने के साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों के पालन करवा रहा है.एक ...

सांस से सम्बंधित बीमारियों की जानकारी के लिए कुमाऊँ जोन में पहली बार नवीनतम पीएफटी टेस्ट की सुविधा

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  यह एक मेडिकल टेस्ट है जिमसें मरीज के फेफड़ों में होने वाली गतिविधियों, जैसे फेफड़े की  कार्य-क्षमता के विषय में सही जानकारी प्राप्त कर सकते है. "....सांस से सम्बंधित कई बीमारियों की पूर्ण जानकारी के लिए कुमाऊँ जोन में पहली बार नवीनतम पीएफटी मशीन के साथ डी.एल.सी.ओ. और एल .वी.एम  टेस्ट की सुविधा आरम्भ हो चुकी है" .नवीनतम मशीन की सहायता से डी.एल.सी.ओ.(डीफ्यूजन कैपिसिटी ऑफ़ लंग्स )और एल.वी.एम  (लंग्स वॉल्यूम मेजरमेंट )जैसे टेस्ट भी किये जा सकते है इस टेस्ट से हमें मरीज के फेफड़ों में आक्सीजन के आदान-प्रदान एवं एक विशेष प्रकार की बिमारी आई.एल.डी (इंटरस्टीशियल लंग डिजीज)के बारे में भी जाना जा सकता है,इस प्रकार की नवीनतम सुविधाओं का लाभ सीमित जगहों पर ही मिल रहा है लेकिन कुमाऊँ के लोगों के लिए अच्छी खबर है ."नीलकंठ हॉस्पिटल हल्द्वानी में यह सुविधा मिलना  आरम्भ  हो चुकी है. इस जांच से हम फेफड़ों की कुछ बीमारियों के विषय में वक्त रहते जान सकते  है ताकि उसका इलाज सही समय पर किया  जा सकें.और मरीज के जीवन को सुरक्षित किया जा सके. अधिक जानकारी के लिए निम्नवत तथ्य...